खाद्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल,जाच के समय मीडिया से बनाई रखी दूरी
150 दुकानों में से सिर्फ 2 के ही सैंपल, मीडिया को नहीं दी गई सूचना
आमला। मिलावटखोरी पर रोक लगाने के नाम पर खाद्य विभाग की कार्रवाई आमला में सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासन ने 150 से अधिक दुकानों में से सिर्फ 2 दुकानों से ही सैंपल लिए, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
बोड़खी में छापेमारी, लेकिन मीडिया को नहीं दी गई जानकारी
खाद्य विभाग ने बोड़खी में चुपचाप कार्रवाई की, लेकिन पत्रकारों को इसकी कोई जानकारी नहीं दी। आमतौर पर ऐसे मामलों में मीडिया को सूचना दी जाती है, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके, लेकिन इस बार अधिकारियों ने पूरी कार्रवाई गोपनीय रखी। ओर मीडिया को भी होने वाली कार्रवाई से दूर रखा गया वही कार्यवाही होने के बाद मीडिया को जानकारी भी नही दी गई है इसका मतलब अधिकारियों द्वारा छापामार की कार्रवाई को गोपनीय क्यों रखा गया जबकि व्यापारियों को छापामार कार्रवाई की जानकारी पहले ही मिल गई थी। स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि अगर कार्रवाई सही थी, तो इसे छिपाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या प्रशासन नहीं चाहता था कि मीडिया इस पर सवाल उठाए?
बड़े प्रतिष्ठानों पर क्यों नहीं हुई जांच?
शहर के बड़े मॉल्स और प्रतिष्ठानों पर खाद्य सामग्री की बड़ी बिक्री होती है, लेकिन वहां किसी तरह की छापेमारी नहीं की गई। लोगों का कहना है कि छोटे दुकानदारों को टारगेट कर कार्रवाई करना और बड़े व्यापारियों को छोड़ देना, प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
कार्रवाई से पहले कैसे लीक हुई सूचना
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि छापेमारी से पहले ही दुकानदारों को इसकी भनक लग गई थी। कई जगहों से यह भी खबर आई कि संदिग्ध सामान पहले ही हटा दिया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि कार्रवाई से पहले सूचना लीक कैसे हुई? क्या खाद्य विभाग के ही कुछ लोग इसमें शामिल थे?
लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
जनता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त है, तो सभी दुकानों की समान रूप से जांच होनी चाहिए। बड़े प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए और मीडिया को सही जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि कोई भी कार्रवाई संदेह के घेरे में न आए।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन सवालों के जवाब देता है या यह कार्रवाई केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाती है।