महाबोधी विहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में राष्ट्रपति को सौपा गया ज्ञापन
आमला.महाबोधी विहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में स्थानीय बौद्ध अनुयायियों और अम्बेडकर अनुयायियों के संगठनों ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, बिहार राज्य के राज्यपाल और मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौपकर आक्रोश व्यक्त किया है।
आंदोलन के समर्थन में भारी संख्या में उपासक-उपासिकाएँ उपस्थित
ज्ञापन सौपने के दौरान भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश सचिव शंकरराव, शेषकर तहसील आमला अध्यक्ष यशंवत झरबड़े, महासचिव राहुल अम्बेडकर नगर अध्यक्ष संजय सातनकर, बौद्धाचार्य विष्णु झरबड़े, दिलीप दवणडे, प्रभाकर उबनारे, राजू चौकीकर, कृष्णा बोरकर, फूल चंदवर्मा, अरविंद बरड़े, हरिदास पाटील, भीमराव निरापुरे, शेषराव चौकीकर, संजय नंदेश्वर, संदीप चौकीकर, राजेश सिंघड़े, दिलीप चौकीकर, हेमन्त झरबड़े, कान्ता हरमाड़े, शांता मालवी, शांता देवी सातनकर, नालंदा शेषकर, मालती चन्देलकर, मालती पाटील, अंजलि झरबड़े, ज्योति नागले, शैल कुमारी सहित भारी संख्या में उपासक-उपासिकाएँ उपस्थित थीं।
आंदोलन के उद्देश्य को लेकर जोरदार नारेबाजी
आंदोलनकारियों ने तथागत गौतम बुद्ध अमर रहे और महाबोधि विहार लेकर रहेगे के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन अंतिम सांस तक जारी रहेगा और सरकार को दमनकारी नीति छोड़कर शांति का मार्ग अपनाने तक यह जारी रहेगा।
बौद्ध भिक्षुओं की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन
महाबोधि महा विहार मुक्ति आंदोलन में शामिल बौद्ध भिक्षुओं को आंदोलन स्थल से आधी रात को उठाकर जेल भेजने और आंदोलन को समाप्त करने की साजिश के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
भारतीय बौद्ध महासभा के प्रदेश सचिव शंकरराव का वक्तव्य
“हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण है और हम सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील करते हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी मांगों पर गौर करेगी और हमारे आंदोलन को समर्थन देगी।””हमारा आंदोलन महाबोधि विहार की मुक्ति के लिए है और हमें उम्मीद है कि हमारा आंदोलन सफल होगा।”