हर व्यक्ति ने पांच शीलों का पालन करने का प्रयास करना चाहिए – ”साक्य धम्मदिन्ना”
आमला.स्थानीय करुणा बुद्ध विहार आमला में पूज्यनीय साक्य धम्म दिन्ना अय्या जी का शाम को आगमन हुआ ‘ भारतीय बौद्ध महासभा तहसील शाखा के महासचिव राहुल अम्बेडकर ने बताया कि भीमनगर स्थित शहीद चौक से बुद्ध विहार तक उपासक उपासिकाओं द्वारा पुष्प वर्षा कर आत्मीय अभिनंदन करते हुए लाया गया । बुद्ध विहार में स्थानीय भत्ते एवं उपासक उपासिकाएँ पलक – पावड़े बिछाए स्वागत में कतारबद्ध खड़े थे बुद्ध विहार परिसर में शांति एवं आस्था का माहौल निर्मिंत हो गया । जहॉ एक ओर उपासक उपासिकाएँ धम्म देशना सुनने के लिए उत्सुक एवं आतुर दिखाई दे रहे थे वही भिम्कुनी संघ भी प्रसन्न दिखाई दे रहे थे । भन्ते जी द्वारा त्रिशरण पंचशील के साथ बुद्ध वंदना की गई तत्पश्चात भिक्कुनी साक्य धम्म दिन्ना अय्या जी ने धम्म देशना देते हुए त्रिशरण पंचशील के महत्व को समझते हुए ‘पहले उपासक कौन थे ? उपासिका कौन थी ? आदि महत्वपूर्ण जानकारी दे कर अंध श्रद्धा से दूर रहकर पंचशील के 5 शीलों का पालन करने का प्रयास करने की ओर बल दिया । बुद्ध धम्म संघ के गुणों के महत्व को सविस्तार समझाते हुए भन्ते एवं भिक्कूनी के शीलों को भी बताया । इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा तहसील शाखा ‘ करुणा बुद्ध विहार सुजाता रमा -महिला मण्डल के उपासक एवं उपासिकाएँ व समाजिक गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे । इस पुनित अवसर पर धम्मदिन्ना अय्याजी को चिवर आदि दान किया गया । आमला बुद्ध विहार का पूरा परिसर आस्था एवं उत्साह से ओत प्रोत हो गया ।