आमला में जुआ क्लबों पर पुलिस की दबिश, सवालों के घेरे में कार्रवाई
जुआरी भागे, संचालक बचे – पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आमला। आमला शहर जुआ का गढ़ बन गया है कई इलाकों पर पुलिस ने दो दिन पहले बड़ी कार्रवाई की थी। ग्राम आवरिया, रेलवे कॉलोनी और बोडखी क्षेत्र में पुलिस की टीम ने एक साथ दबिश दी। जुआ घरों पर छापा मारते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। जानकारी मिलते ही जुआरी मौके से भाग निकले और पुलिस के हाथ खाली रह गए। हैरानी की बात यह है कि इन जुआ घरों का संचालन करने वाले सभी लोग आमला के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई केवल दिखावा रही, क्योंकि हर बार जुआरी पहले से ही सतर्क हो जाते हैं और भाग निकलते हैं। इस घटना के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पुलिस की दबिश से पहले जुआरियों तक सूचना कैसे पहुंच जाती है।
सूचना लीक होने की आशंका – पुलिस महकमे पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस की दबिश की खबर अंदर से लीक होती है। जब भी जुआ क्लबों पर छापा पड़ता है, उस समय खिलाड़ी गायब रहते हैं, जबकि केवल खाली पत्ते, ताश और गोटियां ही बरामद होती हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और जुआ संचालकों की मिलीभगत की वजह से असली खिलाड़ी कभी पकड़े नहीं जाते। सवाल यह भी है कि जब पूरे क्षेत्र में खुलेआम जुआ खेल चल रहा है तो पुलिस को पहले से ही इनकी भनक क्यों नहीं लगती। हर दबिश के दौरान केवल नाम मात्र की कार्रवाई होती है और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। आमला में जुआ एक संगठित धंधे का रूप ले चुका है, जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
जुआ से बर्बाद हो रहा भविष्य – कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता
आमला के ग्राम आवरिया, रेलवे कॉलोनी और बोडखी इलाके में लंबे समय से जुआ क्लब सक्रिय हैं। यहां न सिर्फ आम लोग बल्कि बाहरी लोग भी आकर जुआ खेलते हैं। लाखों रुपए की रोजाना सट्टेबाजी होती है, जिसके चलते कई परिवार कर्ज में डूब चुके हैं। स्थानीय लोग परेशान हैं कि लगातार शिकायतों के बाद भी पुलिस केवल औपचारिकता निभाकर लौट जाती है। बीते दो दिन पहले हुई कार्रवाई में भी यही नज़ारा देखने को मिला। अब जनता का गुस्सा भड़क रहा है और सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर कब तक पुलिस ऐसे जुआ क्लबों को संरक्षण देती रहेगी। लोग मांग कर रहे हैं कि जुआ संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और सूचना लीक करने वालों की पहचान कर उन पर भी कठोर कदम उठाए जाएं।